Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi [cracked] Site

सर्टिफिकेट जारी होने के बाद देनदार (Certificate-debtor) को धारा 7 के तहत नोटिस भेजा जाता है। इस नोटिस की सही तामील वसूली प्रक्रिया की वैधता के लिए अनिवार्य है।

इस अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य सरकार को अपने बकाया राजस्व, कर, शुल्क और अन्य "सार्वजनिक मांगों" (Public Demands) को बिना किसी लंबी सिविल मुकदमेबाजी के वसूलने में सक्षम बनाना है।

यदि आप इस अधिनियम के विस्तृत प्रावधानों, इसके इतिहास, कार्यप्रणाली और इसके पीडीएफ (PDF in Hindi) को प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण गाइड है।

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जब अधिकारी संतुष्ट हो जाता है कि राशि बकाया है, तो वह एक प्रमाणपत्र (Certificate) जारी करता है। इसके बाद देनदार को धारा 7 के तहत एक नोटिस भेजा जाता है, जो वसूली की कार्यवाही की शुरुआत होती है।

देनदार की चल या अचल संपत्ति की कुड़की और नीलामी (Attachment and Sale of Property)।

बिहार सरकार के विधि विभाग (Department of Law) या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहाँ "Acts and Rules" सेक्शन में यह पीडीएफ मिल सकता है।

बिहार और ओडिशा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 एक महत्वपूर्ण कानून है जो सरकार को सार्वजनिक मांगों की वसूली करने में मदद करता है। इस अधिनियम के तहत, सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी व्यक्ति या संस्था से सार्वजनिक मांगों की वसूली कर सकती है। यह अधिनियम सरकारी राजस्व और अन्य सार्वजनिक मांगों की वसूली करने में मदद करता है और सरकार को अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से चलाने में मदद करता है।

ऋणी नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर यह आपत्ति कर सकता है कि वह पैसा नहीं देता है या बकाया गलत है।

Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914 is a primary legislation used to recover government dues and other "public demands" through a simplified legal process known as a Certificate Proceeding Indian Kanoon

जब कोई विभाग या बैंक किसी बकायेदार से पैसा वसूलने में असमर्थ होता है, तो वह संबंधित जिले के के पास एक मांग पत्र भेजता है। यदि सर्टिफिकेट ऑफिसर संतुष्ट होता है कि राशि बकाया है, तो वह धारा 4 या धारा 6 के तहत एक "सर्टिफिकेट" (प्रमाण पत्र) तैयार करता है और उस पर हस्ताक्षर करता है।

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: Since Jharkhand was part of Bihar, their official gazette provides Hindi versions of amendments to this Act, such as the 2015 Amendment Bill Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914

यह अधिनियम ब्रिटिश काल के दौरान 1 जुलाई 1914 को लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी बकाया राशि, बैंक ऋण और अन्य सार्वजनिक मांगों (Public Demands) की वसूली के लिए एक त्वरित और विशेष कानूनी प्रक्रिया प्रदान करना है।

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